100+ Best पर्यायवाची शब्द : फूल का पर्यायवाची शब्द क्या है?

पर्यायवाची शब्द का अर्थ क्या है?

░I░m░p░o░r░t░a░n░t░ ░T░o░p░i░c░s░

वर्ण किसे कहते हैं? शब्द किसे कहते हैं? विरामचिह्न – अभ्यास, परिभाषा? विशेषण शब्द लिस्ट?

सर्वनाम किसे कहते हैं? काल किसे कहते हैं?

विलोम शब्द

पर्यायवाची शब्द : फूल का पर्यायवाची शब्द क्या है?
100 पर्यायवाची शब्द हिंदी में,

पर्याय’ का अर्थ होता है ‘बदले में आने वाला। लगभग सारे शब्द ऐसे है जिनके पर्याय में, अर्थात् बदले में बहुत शब्द आते हैं।

पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं (Paryayvachi Shabd In Hindi)?

पर्यायवाची शब्द (synonyms) तब बोले जाते हैं जब भिन्न-भिन्न शब्दों का एक ही अर्थ होता है, अर्थात एक ही शब्द के स्थान पर एक ही अर्थ वाले भिन्न-भिन्न शब्दों का प्रयोग किया जा सकता है।
जैसे- ‘सर्प’ हर साँप है, तो ‘फणी फण वाला साँप। मगर ये दोनों शब्द पर्याय है ‘सांप’ के इन पर्यायवाची शब्दों के कुछ उदाहरण है।

फूल का पर्यायवाची शब्द क्या है?

फूल का पर्यायवाची शब्द :-

100 पर्यायवाची शब्द हिंदी में:-

अमृतअमिय, पीयूष, सुधा, शुभा
आँखअक्षि, अम्बक, ईक्षण, चक्षु, दृग, दृष्टि, नयन, नेत्र, लोचन, विलोचन ।
आकाशअनन्त, अन्तरिक्ष, अम्बर, अभ्र, आसमान, ख, गगन, दिव द्यो, नभ, पुष्कर, महाबलि, व्योम, वियत्, विष्णुपद, विहायस, सारंग, सुरवर्त्म।
असुरइन्द्रारि, कौणप, तमीचर, दनुज, दानव, दितिसुत, देवारि, दैत्य, निशाचर, निशिचर, मनुजाद, यातुधान, रजनीचर, रात्रिचर, राक्षस, शुक्रशिष्य, सुरद्विष, सुरसिद्म
अश्वअर्वा, घोटक, घोड़ा, तुरंग, तुरंग, तुरंगम, पीति, वाजि, वाह, सैन्धव, हय
कमलअब्ज, अम्बुज, अम्भोज, अरविन्द, इन्दींवर, उत्पल, कुवलय, कोकनद, कञ्च, जलज, तामरस, नलिन, नीरज, पद्म, पाथोरुह, पुण्डरीक, पुष्कर, पंकरुह, मृणाल, राजीव, वनज, वारिज, शतदल, शतपत्र, सरसिज, सरसीरुह, सरोज, सारंग।
गंगाजाह्नवी, जह्नुतनया, जह्नुसुता, त्रिपथगा, त्रिपथगामिनी, देवनदी, देवापगा, ध्रुवनन्दा, नदीश्वरी, भागीरथी, भीष्मसू, मन्दाकिनी, विष्णुपदी, सुरधुनि, सुरनदी, सुरसरित, सुरसरि, सुरापगा।
चाँदइन्दु, कलानिधि, कुमुदबान्धव, ग्लौ, चन्द्र, चन्द्रमा, तारापति, द्विजराज, निशाकर, मयंक, मृगांक, रजनीपति, राकापति, राकेश, विधु, शशधर, शुभ्रांशु, शीतगु, शीतांशु, सारंग, सुधाकर, सुधाधर, सुधांशु, सोम, हिमकर, हिमांशु ।
कामदेवअतनु, अनंग, आत्मज, आत्मभू, कन्दर्प, काम, कुसुमायुध, कुसुमेषु, नन्दी, पंचबाण, पंचशर, प्रद्युम्न, पुष्पचाप, पुष्पधन्वा, मकरध्वज, मदन, मनसिज, मन्मथ, मनोज, मनोजात, मनोभव, मयन, मार, मीनकेतु, रतिपति, रतिसखा, रतीश, विश्वकेतु, शम्बरारि, स्मर, सारंग ।
गणेशएकदन्त, गजवदन, गजानन, गजास्य, गणनायक, गणपति, गणाधिप, गिरिजानन्दन, गिरिजासुत, गौरीसुत, जगद्वंद्य, द्वैमातुर, भवानीनन्दन, महाकाय, मूषिकवाहन, मोदकप्रिय, मोददाता, लम्बोदर, विघ्ननाशक, विघ्नराज, विद्यावारिधि, विनायक ।
चोरकुंभिल, खनक, चौर, तस्कर, दस्यु, पटच्चर, मोषक, रजनीचर, सरोवर ।
घरआगार, आयतन, आलय, आवास, उद्वसित, ओक, गेह, गृह, धाम, निकाय, निकेत, निकेतन, निलय, निवास, भवन,
तालाबकासार, जलाशय, तड़ाग, पद्माकर, पुष्कर, पुष्करिणी, सर, सरसी, सरोवर।
किरणअंशु, कर, गो, ज्योति, दीप्ति, प्रभा, भानु, मयूख, मरीचि, रश्मि ।
इन्द्रजम्मभेदी, जिष्णु, तुराषाट्, देवराज, नमुचिसूदन, नाकपति, पाकरिपु पाकशासन, पुरन्दर, पुरुहूत, वज्री, बलभिद्, १ बलाराति, मघवा, महेन्द्र, मरुत्वान्, मेघवाहन, वासव, वृषा, शक्र, शचीपति, शचीश, शतक्रतु, शतमख, सुरपति, सुरेश, सहस्राक्ष, संक्रन्दन, हरिहय।
अग्निअनल, आग, कृशानु कृष्णवर्मा, चित्रभानु, जातवेद, ज्वलन, दहन, धनंजय, धूमकेतु, निर्ज्वलन, पावक, बृहद्भानु, रोहिताश्व, लोहिताश्व, वह्नि, वायुसख, वीतिहोत्र, वैश्वानर, शिखावान्, शिखी, शुष्मा, शोचिष्केश, हव्यवाहन, हुताशन ।
नदीआपगा, कूलंकपा, जलमाला, तटिनी, तरंगिणी, द्वीपवती, धूनी, नद, निर्झरिणी, निम्नगा, प्रवाहिनी, शैवालिनी, सरित्, सरिता, सवन्ती, स्रोतस्विनी, हादिनी, दरिया
पक्षीअंडज, खग, खेचर, चिड़िया, द्विज, नभचर, पखेरू, पतत्रि, पतंग पत्ररथ, परिन्दा, पंछी, विहग, विहंग, विहंगम, शकुन्त, शकुनि ।
पानीअर्ण, अप, अमृत, अम्बु, अम्भ, उदक, कबन्ध, क्षीर, घनरस, जल, जीवन, तोय, नीर, पयस्, पाथ, पानीय, भुवन, मेघपुष्प, वन, वारि, शम्बर, सलिल, सर्वमुख, सारंग ।
रातकुहू क्षणदा, क्षपा, तमस्विनी, तमिस्रा, तमी, त्रियामा, निशा, निशीथिनी, यामिनी, रजनी, राका, रात्रि, रैन, विभावरी, शर्वरी, सारंग।
देवताअमर्त्य, अमर, असुरारि, आदित्य, गीर्वाण, त्रिदश, त्रिदिवेश, देव, निर्जर, वसु, वृन्दारक, विबुध, सुमना, सुर
पृथ्वीअचला, अनन्ता, अवनि इला, उर्वी, काश्यपी, कु, क्षमा, क्षिति, क्षोणी, गंधवती, गो. गोत्रा, जगती, धरणी, धरती, घरा, धरित्री, पहमि बीजप्रसू, भू भूमि, मही, मेदिनी, रत्नगर्भा, रत्नावली, रसा, लोक, वसुधा, वसुन्धरा, वसुमती, श्यामा सर्वसहा, सारंग, स्थिरा।
महेशअन्धकरिपु, ईश, उमाकांत, उमानाथ, कपर्दी, ऋतुध्वंसी, कृत्तिवास, कामरिपु, कामारि, कैलासनाथ, गंगाधर, गिरिजा कान्त, गिरिजापति, गिरीश, गौरीपति, चन्द्रचूड़, चन्द्रशेखर, त्र्यम्बक, त्रिलोचन, धूर्जटि, नीलकंठ, पशुपति, पिनाकी, भव, भूतनाथ, भूतेश, मदनारि, महादेव, महेश्वर, मृत्युंजय, रुद्र, व्योमकेश, वृषध्वज,
नौकाउडुप, जलयान, डोंगी, तरणी, तरिणी, तरी, नाव, प्लव, पोत ।
पत्नीअर्द्धागिनी, कलत्र, गृहस्वामिनी, गृहिणी, घरनी घरवाली, जाया, जोरू, जोय तिय, त्रिया द्वारा प्राणप्रिया, भार्या, वधू, वल्लभा, वामा, वामांगी, सहधर्मिणी।
सूर्यअंशुमाली, अर्क, अर्थमा, अरुण, अहस्कर, आदित्य, ऊष्मरश्मि, कमलबन्धु, कर, खग, ग्रहपति, छायानाथ, तपन तरणि, दिनपति, दिनकर, दिनमणि, दिनेश, दिवाकर, द्वादशात्मा, निदाघकर, पतंग, प्रभाकर, पूषण, भानु, भास्कर भास्वान, मरीचिमाली, मरीची
हाथीअनेकप, कुंजर, करी, कुम्भी, गज, गयन्द, दन्तावल, दन्ती, द्विप, द्विरद, नाग, पद्मी, मतंगज, मातंग, वारण, वितुण्ड स्तम्बेरम, सारंग, सिन्धुर, हस्ती।
राजाअवनीश, क्षमाभृत, क्षितीश, क्षोणिप, देव, नरपति, नृपति, नृप, नरेन्द्र, नरेश, पार्थिव, भूप, भूपति, महीपाल, मह महीपति, सम्राट्।
सोनाकंचन, कनक, कलधौत, कर्बुर, कार्तस्वर, चामीकर, जातरूप, जाम्बूनद, तपनीय, भर्म, महारजत, रुक्म, शातकुम्भ, स्वर्ण, सुवर्ण, हाटक, हिरण्य, हेम।
विष्णुअच्युत, उपेन्द्र, कमलाकान्त, केशव, कैटभारि गरुड़ध्वज गोविन्द, चक्रपाणि, चतुर्भुज, जनार्दन, जलशायी, दामोदर देवकीनन्दन, नारायण, पीताम्बर, पुरुषोत्तम, मधुरिपु, माधव मकुन्द, रमाकान्त, रमेश, लक्ष्मीकान्त, लक्ष्मीपति, वनमाली विश्वम्भर, विश्वरूप, विश्वस्वरूप
सरस्वतीगिरा, पद्मासना, ब्राह्मी, भारती, भाषा, महाश्वेता, वागीश्वरी, वाणी, विधात्री, विद्यादेवी, विणापाणि, शारदा, श्री।
स्वर्गत्रिदशालय, त्रिदिव, त्रिविष्टप, दिव, देवलोक, धौ
हवाअनिल, गन्धवह, जगत्माण, पवन, पवमान, मरुत्, मातरिश्वा, वात, वायु, श्वसन, समीर, समीरण, स्पेशन ।
समुद्रअकूपार, अर्णव, अपांपति, अब्धि, उदधि, उदन्वान्, जलधाम, जलधि, तोयनिधि, नदीश, नीरधि, नीरनिधि, पयोधि, पयोनिधि, पारावार यादःपति, रत्नाकर
साँपअजगर, अहि, आशीविष, उरग, काकोदर, चक्षुःश्रवा चक्री जिह्मग, दन्दशूक, द्विजिह्व, नाग, पन्नग, पवनाशन, फणी, बिलेशय, भुजग, भुजंग, भुजंगम

राजा का पर्यायवाची शब्द क्या है?

राजा का पर्यायवाची शब्द:-1.सम्राट् 2.क्षितीश 3.नरेश 4.देव, 5.महीपाल, 6.नरेन्द्र, 7.अवनीश, 8.नरपति, 10.महीपति, 11.क्षमाभृत, 12.पार्थिव, 13.नृपति, 14.क्षोणिप ।

नदी का पर्यायवाची शब्द क्या है?

नदी का पर्यायवाची:- निर्झरिणी, हादिनी, कूलंकपा, निम्नगा, तटिनी, शैवालिनी, सवन्ती, दरिया, प्रवाहिनी, जलमाला, धूनी, सरित्, स्रोतस्विनी, आपगा, नद, तरंगिणी ।

घर का पर्यायवाची शब्द क्या है?

घर का पर्यायवाची शब्द:-1.भवन, 2.आवास, 3.निकाय, 4.आलय, 5.निकेत, 6.आयतन, 7.निकेतन, 8.निवास, 9.आगार, 10.निलय, 11.उद्वसित, 12.धाम, 13.गृह ।

आकाश का पर्यायवाची शब्द क्या है?

आकाश का पर्यायवाची :- 1.वियत्, 2.अम्बर, 3.गगन, 4.विष्णुपद, 5.आसमान, 6.नभ, 7.विहायस, 8.व्योम, 9.अनन्त, 10.सुरवर्त्म, 11.पुष्कर, 12.अन्तरिक्ष, 13.महाबलि, 14.अभ्र, 15.सारंग।

  • मातृ दिवस पर निबंध 2023 – Best Mother’s Day Essay in Hindi

    मातृ दिवस पर निबंध (Mother’s Day Essay in Hindi) Mother’s Day Essay In Hindi: मदर्स डे हर किसी के लिए एक अहम दिन होता है। एक माँ अपने बच्चे की पहली शिक्षक होती है। एक शिक्षक जो एक मित्र की भूमिका भी निभाता है। एक माँ अपने बच्चे के जन्म से लेकर उसके जीवित रहने … Read more

  • स्वतंत्रता दिवस पर निबंध 2023 – Best Independence Day Essay

    स्वतंत्रता दिवस पर निबंध (Independence Day Essay in Hindi) 15 अगस्त 1947 भारतीय इतिहास का सबसे शुभ और महत्वपूर्ण दिन था जब हमारे भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत देश को आजादी दिलाने के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया था। भारत की स्वतंत्रता के साथ, भारतीयों ने पंडित जवाहरलाल नेहरू के रूप में अपना … Read more

  • 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस पर निबंध – Republic Day Essay in Hindi

    गणतंत्र दिवस पर निबंध – Republic Day Essay 26 जनवरी भारत के तीन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्वों में से एक है। 26 जनवरी को पूरे देश में बड़े उत्साह और सम्मान के साथ गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत का गणतंत्र और संविधान इसी दिन लागू हुआ था। इसीलिए यह दिन हमारे देश … Read more

  • नारी शिक्षा पर निबंध – Best Nari Shiksha Essay in Hindi 2023

    नारी शिक्षा पर निबंध – Nari Shiksha Essay in Hindi प्रस्तावना – हमारा समाज पुरुष प्रधान है। यहां यह माना जाता है कि पुरुष बाहर जाते हैं और अपने परिवार के लिए कमाते हैं। महिलाओं से अपेक्षा की जाती है कि वे घर पर रहें और परिवार की देखभाल करें। पहले इस व्यवस्था का समाज … Read more

  • Best Circus Essay in Hindi – सर्कस पर निबंध इन हिंदी – 2022

    Circus Essay in Hindi – सर्कस पर निबंध इन हिंदी सर्कस भी मनोरंजन का एक साधन है। जिसे हर उम्र के लोग पसंद करते हैं। सर्कस में तरह-तरह के करतब किए जाते हैं। शेर, हाथी, भालू आदि जंगली जानवरों को सर्कस में प्रशिक्षित किया जाता है और विभिन्न खेल और चश्मे दिखाए जाते हैं। वहीं … Read more

  • वर्षा ऋतु पर निबंध – Best Rainy Season Essay in Hindi 2022

    वर्षा ऋतु पर निबंध (Rainy Season Essay in Hindi) साल के मौसम हमारे लिए बहुत सारी खुशियाँ लेकर आते हैं। भारत में मानसून एक बहुत ही महत्वपूर्ण मौसम है। वर्षा ऋतु मुख्य रूप से आषाढ़, श्रवण और वडो के महीनों में होती है। मुझे बरसात का मौसम बहुत पसंद है। यह भारत में चार सत्रों … Read more

Leave a Comment